Smartphone में Processor कैसे काम करता है
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  • Post last modified:April 5, 2020

क्या आप CPU के बारे में जानना चाहते है, What is CPU in mobile explained ,Architecture क्या होता है और CPU कैसे बनता है |

आइये बात करते है किसी भी फ़ोन का सबसे महत्वपूर्ण अंग Processor के बारे में |

CPU क्या होता है ?

वैसे तो आप जानते होंगे की CPU (Central processing unit) Smartphone का Brain यानि की दिमाग होता है,अर्थात यह हर चीज को जरुरत के हिसाब से इस्तेमाल करता है |

CPU एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होता है जो कंप्यूटर प्रोग्राम को निष्पादित करता है या सीधे शब्दों में समझे तो हमारे आदेश का पालन करता है – कैसे ?

वो हम आगे जानेंगे….. 

इन सभी CPU में करोड़ों-अरबों Transistor लगे होते है जो Boolean Logic Gate(1 या 0) और Amplifier के रूप में काम करता है |

आइये अब जानते है की CPU बनता कैसे है ?

CPU कैसे बनता है ?

प्रोसेसर बनाने का मुख्य पदार्थ Silicon है, वैसे और भी Element बाद में मिलाये जाते है |

सबसे पहले Pure Silicon का ब्लाक बनाया जाता है जिसे Ingot कहा जाता है, इसे फिर पतले-पतले Wafer में काटा जाता है और  इसकी मोटाई 0.5mm से 1.5mm के बीच हो सकता है |

इस Wafer पर Transistor को डालने को प्रक्रिया शुरू हो जाती है |

fundamental structure of transistor
Fundamental Structure Of Transistor

 

अब इस Silicon Wafer पर Silicon Dioxide,Silicon Nitride,Photo resist का कोटिंग किया जाता है और कुछ केमिकल प्रोसेस के बाद Silicon Dioxide का कोटिंग फिर से किया जाता है |

इसके बाद Photolithography के मदद से Silicon को N या P Type से Doping किया जाता है |

अब Transistor में Electrical Wiring का काम शुरू होता है, इसके लिए Tungsten का इस्तेमाल किया जाता है |

इन सभी प्रोसेस के बाद Silicon का Wafer चिप से भरा हुआ थाली के जैसा रहता है जिसे बाद में अलग-अलग किया जाता है [Picture 1]

wafer full of chip
Picture 1

 

अंत में इसे Heat Spreader से कवर करके पैक किया जाता है |

आप सोच रहे होंगे की ये काम कैसे करता है ?

तो आइये जानते हैं…. 

प्रोसेसर काम कैसे करता है ?

how a cpu works
Red-Control flow
Black– Data Flow

image credit : Wikipedia 

सीधे सीधे समझे तो प्रोसेसर 3 चरणों में काम करता है :

Fetch : ये प्रोसेसर का पहला काम होता है, Fetch अर्थात CPU रैम से Data लेता है और फिर उसे अगले प्रोसेस के लिए भेज देता है |

Decode : इस प्रोसेस में CPU उस आदेश का पालन करता है जो उस डाटा में रहता है, उदाहरण के लिए मन लीजिये 5+2 को जोड़ना है तो प्रोसेसर उसे ALU के पास भेज देगा,इसी तरह अन्य काम को अलग अलग जगह |

Execute : जब ALU या दुसरे LU गणना कर लेगा तो उस Output का क्या किया जाये ये CPU निर्धारित करता है |

यदि उस डाटा का जरुरत होगा तो उसे Register में स्टोर किया जायेगा और जरुरत नहीं होगा तो उसे हटा दिया जायेगा |

इन सभी के बाद CPU में Bus,MDR,CIR और भी बहुत सारे कॉम्पोनेन्ट होते है जिनका अलग-अलग योगदान होता है |

अगर आप और भी ज्यादा जानना चाहते है की CPU कैसे काम करता है तो यह videoदेखें (English) 

आइये अब बात करते हैं Architecture के बारे में – 

Architecture

cortex a8
Arm Cortex A8 Architecture

image credit – Semantic 

Architecture प्रोसेसर बनाने का मूल आधार है क्युंकी Architecture से ही पुरा मोबाइल प्रोसेसर डिजाईन किया जाता है |

अब Architecture का सीधा अर्थ निकाले तो इसका मतलब होता है नक्शा तैयार करना |

Architecture के आधार पर यह तय किया जाता है की इसमें कौन सा प्रोसेसर,रैम,GPU इत्यादि लगाये जायेंगे |

जैसे पहले स्मार्टफ़ोन में 32 bit के आर्किटेक्चर इस्तेमाल किये जाते थे परन्तु अब 64 bit के आर्किटेक्चर इस्तेमाल किया जाता है |

अब बात करते है की अभी फ़ोन इंडस्ट्री में आर्किटेक्चर बनाता कौन है ?

Arm (Advanced RISC Machine) एक कंपनी है जो 95% मोबाइल के आर्किटेक्चर को बनाता है, ये कंपनी दुसरे कंपनी से अलग है क्युंकी ये खुद आर्किटेक्चर नहीं बनाकर दुसरे कंपनी जैसे Qualcomm,Mediatek को लाइसेंस प्रदान करती है |

1987 में Arm के 32 bit के माइक्रोप्रोसेसर Acorn Computers बनाती थी |

अब Arm के Competitor की बात करे तो वो है Synopsys,Prodrive इत्यादि |

Arm के कुछ मॉडल है जैसे Cortex A5,Cortex A7,Cortex A9,Cortex A53 और सबसे हालिया Cortex A77

आप इसके परफॉरमेंस को ग्राफ़िकली देख सकते है [Picture 2,3]

cortex a5 vs a7 vs a9 vs a53
Picture 2

image credit : Arm community

cortex a73 vs a75 vs a76
Picture 3

 

अब आप समझ गए होंगे की Arm के जितने नए मॉडल होंगे वो उतने तेज,दक्ष और बेहतरीन होगा |

बात करते है Modified CPU की, पहले Arm अपने आर्किटेक्चर को बदलने की अनुमति नहीं देता था परन्तु हाल में जब से कस्टमाइज करने का आप्शन मिला तो Qualcomm भीड़ से अलग होकर अपना खुद का CPU बना डाला जिसका नाम है Kryo 

इस customization से ग्राहक और कंपनी दोनों को लाभ पहुंचा [Picture 4]

modified mobile processor
Picture 4

image credit : Android Authority

आप पिक्चर 4 के माध्यम से समझ सकते हैं की Frequency के आधार पर कैसे अलग-अलग CPU बनाये जा सकते है,और इसमें GPU में भी फेर-बदल किया गया है जिससे SoC को सस्ता बनाया जा सके |

आइये अब बात करते है Core के बारे में –

Core

जब आप एक नया स्मार्टफ़ोन खरीदते है तो आप DualCore,Quadcore,Octacore या HexaCore के बारे में जरुर सुने होंगे |

Dualcore का अर्थ हुआ एक CPU में दो Core इसी तरह Quadcore मतलब 4,Hexacore मतलब 6 और Octacore मतलब 8 Core  

आप Single Core और Multi Core जैसे Quadcore,Octacore या Hexacore के बिच जो अंतर है उसे आसानी से समझ सकते है [Picture 5]

singlecore vs multicore
Picture 5

यह तो साफ़ है की जितना ज्यादा Core उतना बढ़िया परफॉरमेंस परन्तु ये हमेशा लागू नहीं होता !

इसे 3 बिंदुओं के आधार पर समझते है –

1. Multicore वाले CPU Parallel Computing करता है और यह जरुरी नहीं है की हमेशा Parallel Computing किया जाये |

उदाहरण के लिए मान लीजिये CPU Multi core है और उसे 34+32-67+98 का योगफल निकालना है तो दो अलग-अलग भागों में गणना करेगा (34+32 और 67+98) परन्तु Singlecore रहेगा तो जैसे है उसी तरह से उसे हल करेगा |

2. कई बार CPU को ऐसे अनुदेश दिए जाते है जिसमे बिना एक काम को पुरा किया बिना दुसरा काम नहीं किया जा सकता है तब Multi core रहने पर भी आपको बेहतरीन परफॉरमेंस नहीं मिल सकता |

यह ज्यादातर Heavy Games या Application रन करने पर आपको साफ पता चलेगा |

3. Core के गुणवत्ता भी अहम् भूमिका निभाती है :-

Core के गुणवत्ता से तात्पर्य है उसके Architecture और बनावट से, आइये इसे उदाहरण से समझते है |

Mediatek MT6592 एक Octacore प्रोसेसर है और NVIDIA Tegra 4 Quadcore प्रोसेसर है फिर भी परफॉरमेंस के मामले में Tegra 4 ,Mediatek से आगे है  !

ऐसा इसलिए हुआ क्युंकी Mediatek MT6592 Arm Cortex A7 आर्किटेक्चर पर बना है वही Tegra 4 Cortex A15 आर्किटेक्चर पर बना है |

तो अब तक आप यह समझ गए होंगे की सिर्फ Core ज्यादा रहने से परफॉरमेंस नहीं बढ़ता, बहुत सारे कारण है जो CPU को तेज बनाता है |

आप अपने फ़ोन में लगे Core को आसानी से पता कर सकते हैं की वो Quadcore है या Octacore इसके लिए आपको CPU-Z नामक एप्प को इनस्टॉल करना पड़ेगा या आप ऑनलाइन भी चेक कर सकते है |

CPU-Z
A mediatek Processor with 8 core

Frequency & Technology

जैसा की हमलोग जानते है Frequency को Hertz में मापा जाता है और Hertz का मतलब होता है एक सेकंड में कितना बार ?

आजकल प्रोसेसर में इतने सारे गणना होते है की उसे MHz भी नहीं बल्कि GHz में मापा जाता है |

Giga-Billion (अरब) और Hertz – Times per second

अब आप सोच रहे होंगे की Frequency इतना महत्वपूर्ण कैसे हो सकता है तो आइये आपको बताते है |

जैसा की आपने पहले पढ़ा Qualcomm अपना CPU Kryo किफायती बनाया, ऐसा इसीलिए क्योंकी  Qualcomm ने Frequency,GPU के आधार पर अलग-अलग प्रोसेसर बनाया है |

snapdragon 636 vs 660
Picture 6

image credit : GuidingTech

आप Picture 6 के माध्यम से समझ सकते है की Snapdragon 636 कैसे 660 से अलग है |

हालाँकि लगभग सभी Specs एक जैसे है पर सिर्फ Frequency aur GPU को कस्टमाइज करके Qualcomm ने एक सस्ता प्रोसेसर तैयार किया |

अब बात करते है प्रोसेसर के Technology के बारे में :

Technology का मतलब है प्रोसेसर कितना nm (नैनोमीटर) पर बना है |

जैसे Snapdragon 660 14 nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है वही Snapdragon 845 10 nm (2nd Generation) टेक्नोलॉजी पर आधारित है |

इसको सीधा समझे तो जितना कम नैनोमीटर होगा उतना बढ़िया प्रोसेसर होगा |

Apple Processor

इन सभी बात को समझने के बाद आपके मन में ये सवाल जरुर आ रहा होगा की हमेशा Apple के प्रोसेसर इतने फ़ास्ट क्यों होता है, आइये इसे अच्छे से समझते हैं |

इस विषय को  Garry Sims ने 5 बिंदुओं में समझाया हुआ :-

1. Apple Qualcomm से दो कदम आगे है 

साल 2013 से पहले Qualcomm 32 bit (800 SoC) वाला प्रोसेसर बनाकर इस क्षेत्र में आगे था परन्तु जब 2013 में Apple अचानक 64 bit (A7) वाला प्रोसेसर लॉन्च कर दिया |

फिर जब 2015 में Qualcomm जब तक अपना पहला 64 bit प्रोसेसर लॉन्च किया तब उसी साल (2015) में Apple ने A8 लांच किया और सितम्बर में A9, इस तरह ‘Qualcomm’ Apple से दो पीढ़ी पीछे हो गया |

2. Tight Bonding 

Apple अपना सारा प्रोडक्ट खुद बनाता है इसलिए उसे फ़ायदा मिलता है, जब भी कोई Iphone लॉन्च होता है तो एक नए प्रोसेसर के साथ |

उदाहरण के लिए Cortex A57 October 2012 में घोषित किया गया था परन्तु April 2014 तक कोई भी स्मार्टफ़ोन नहीं आया जो A57 पर बना हो |

3. दोनों का बिज़नस अलग-अलग है 

Qualcomm और Arm जैसी कंपनी Chip का बिजनस करती है परन्तु Apple फ़ोन भी बनाता है और यही Apple को सबसे ज्यादा फायदा मिलता है |

2016 के एक रिपोर्ट के अनुसार Apple A10 प्रोसेसर करीबन दोगुना बड़ा है Cortex A53 से, और आप जानते है की Silicon कितना महंगा है |

इन सभी के बावजूद Apple अपने फ़ोन बेचकर मुनाफा निकाल लेगा परन्तु Qualcomm ऐसा नहीं कर सकता क्यूंकि Arm को प्रॉफिट चाहिए, फिर Qualcomm और Mobile कंपनी को भी मुनाफा निकालना पड़ता है |

 4. Cache Memory 

एप्पल बड़ी ही आसानी से L3 Cache का इस्तेमाल कर पता है क्योंकी उसका चिप बड़ा होता है |

Apple L3 cache का प्रयोग A7 प्रोसेसर से ही करते आ रहा है परन्तु Arm Cortex 75 के पहले कोई भी आर्किटेक्चर L3 Cache का इस्तेमाल नहीं किया |

 5. Pipelines 

Apple चौड़े Pipeline का इस्तेमाल करता है परन्तु Low Clock Speed पर |

मान लीजिए एक चौड़े पाइप में धीरे-धीरे पानी जा रहा है और एक संकरी पाइप में बड़ी तेजी से पानी जा रहा है तो दोनों मामला में समान रिजल्ट मिलेगा |

Arm संकरी पाइपलाइन (High Clock Speed) का इस्तेमाल करता है वहीं Apple चौड़े पाइपलाइन (Low Clock Speed) का इस्तेमाल करता है |

Best Processor

इतने सारे बातों के बाद आप जरुर सोच रहे होंगे की हम एक अच्छा प्रोसेसर कैसे चुने, तो निचे दिए गए बातों को ध्यान रखिये :-

  1. सबसे पहले आप Architecture देखिये, जैसे Cortex A7,A9 या A75 
  2. दुसरी बात आप Technology जैसे Frequency, नैनोमीटर और 32 या 64 bit  पर ध्यान दीजिये |
  3. फिर आप चाहे तो Core भी देख सकते है जैसे Dual Core,Quadcore इत्यादि |
  4. अन्यथा आप Online ब्लॉग या Youtube विडियो देख सकते है जिसमे Geekbench स्कोर और स्पीड की अच्छे से जानकारी दिया गया हो, आप इसका उदाहरण Picture 3 में देख सकते है |

अगर आप Flagship Smartphone ले रहे है तो कोई चिंता करने की बात नहीं है उसमे लेटेस्ट प्रोसेसर ही लगा रहता है |

अभी Qualcomm के तरफ से सबसे नया Snapdragon 865 प्रोसेसर है (Cortex A77) जिसमे Kryo 585 CPU लगा है और 64 bit,7 nm तकनीक पर बना है जिसका Maximum Frequency 2.84 GHz  है |

वही Apple के सबसे नवीनतम प्रोसेसर की बात करे तो A13 Bionic Chip जिसमे 7nm टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है |

इस प्रोसेसर में भी A11 की तरह न्यूरल इंजन लगा है जो 5 Trillion ऑपरेशन एक सेकंड में कर सकता है |

इसका इस्तेमाल iPhone XS, iPhone XS Max और iPhone XR में किया गया है, इस तरह Apple Qualcomm से और भी काफी आगे निकल गया है |

Apple A12 Bionic Chip (Official)

Apple A12 Bionic Chip (wikipedia)

सारांश

अब तक आपने प्रोसेसर के बारे में कुछ जाना तो अंत में एक बार बता दे की कभी भी सिर्फ Core के पीछे नहीं भागे और एक फ़ोन का परफॉरमेंस सिर्फ CPU से ही निर्धारित नहीं किया जा सकता है |

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और यदि आपके मन में अभी और सवाल हो तो उसे कमेंट में लिखें |

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Raushan Kumar

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