Different Types Of Mobile Screen You Should Know

अक्सर आप LCD,Amoled या TFT डिस्प्ले के बारे में सुनते होंगे तो आज हम आपको जितने भी Mobile Screen होते हैं उन सब के बारे में बताने वाले हैं !
अभी के समय में बहुत ऐसे डिस्प्ले मिलेंगे जिससे आप भ्रमित हो जायेंगे की कौन सा Display Best रहेगा |

(Non-Amp Version पढ़े)

LCD

अगर हम बजट फ़ोन की बात करे तो उसमे सबसे ज्यादा LCD का प्रयोग होता है जिसका पूरा अर्थ Liquid Crystal Display होता है |
Liquid Crystal सबसे आकर्षित करने वाला वस्तु है जिसमे तरल (Liquid) और ठोस (Solid) दोनों के गुण पायें जाते है |
LCD में एक Pixel के अन्दर 3 Sub-Pixel(Red,Blue,Green) होते हैं जो अलग अलग लाइट को फ़िल्टर करता है [Picture 1]

Showing sub Pixel
Picture 1

अब बात करते है इसके बनावट की –
LCD में मुख्यतः 4 Layer होते हैं – Protective Layer,Polarizing Layer,Liquid Crystal Layer और Backlight
Protective Layer स्क्रीन को सुरक्षा देने का काम करता हैं, ये ग्लास या प्लास्टिक का बना होता है और Polarizing Layer सही Colour देने का काम करता है या लाइट को बंद करना जब Black दिखाना पड़ता है |
सबसे महत्वपूर्ण सतह Crystal Layer होता है क्योंकी इसी के वजह से सारा कलर को Control किया जाता है और अंत में एक पिक्चर दीखता है |
Backlight में सबसे ज्यादा LED का प्रयोग किया जाता है और LED भी दो तरह के आते है White जो ज्यादातर इस्तेमाल किया जाता है और RGB जो बेहतरीन Colour Produce करता है परन्तु काफी महंगा होता है इसलिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है |

working of lcd
Working Of LCD

LCD Screen में भी मुख्यतः दो तरह के Display होते हैं –

TFT LCD Display

इसका दूसरा नाम Twisted Nemantic (TN) LCD Display भी है जो ज्यादातर कंपनियों के द्वारा इस्तेमाल नहीं किया जाता है |
TFT डिस्प्ले में Viewing Angle यानि की आप जहाँ से देख रहे है वो बहुत कम था, जैसे अगर आप सामने से देख रहे है तो सब कुछ अच्छा दिखेगा पर जैसे ही Tilt या टेढ़ा कीजियेगा तो Mobile Screen काला दिखने लगेगा |
इसके बाद टेक्नोलॉजी में सुधार होने के बाद IPS डिस्प्ले आया

IPS LCD Display

IPS (In Plane Switching) में बहुत ही ज्यादा सुधार देखा गया और इसमें Viewing Angle भी बहुत बढ़ चुका था इसलिए इसका इस्तेमाल सस्ते से महंगे स्मार्टफ़ोन में भी किया जाता है |
अधिकतर कंपनी Super IPS (S-IPS) या Advanced Super IPS (AS-IPS) का इस्तेमाल करती है परन्तु कुछ कंपनी Brand के लिए अलग अलग नाम दे देती है जैसे –

  • Retina – Retina Display सिर्फ Apple के प्रोडक्ट में मिलता है, साधारण तौर पर इसमें Pixel बहुत ज्यादा दिया गया था |
  • Nova – ये Display LG के द्वारा लाया गया था, ये उस समय का सबसे ज्यादा Brightness देने वाला Display था |
  • Super LCD 2 – जब Sony TFT से IPS तकनीक पर आ रहा था तब इसका नाम आया जिसमे बेहतर Brightness,Contrast और Viewing Angle देखने को मिला |

अब बात करते हैं Pros और Cons के बारे में –
Pros

  • सस्ता होता है |
  • Cathode Ray Tube की तुलना में बहुत पतला होता है |
  • IPS डिस्प्ले सटीक कलर Produce करता है |
  • Outdoor में इस्तेमाल करना आसान रहता है (परन्तु OLED जितना नहीं )

Cons

  • Backlight के वजह से Contrast कम मिलता है |
  • नए तकनीक के तुलना में मोटा होता है |
  • Power का ज्यादा खपत है |

OLED Display

Organic Light Emitting Diode (OLED) LCD screen के तुलना में Sharper और Brighter पिक्चर Produce करने में सक्षम है और इसका Power खपत भी कम है |
इसमें Organic Hydrocarbon Chain का इस्तेमाल किया जाता है जिससे एक-एक PIXEL खुद Light करता है |
इसी वजह से Contrast बढ़ जाता है यानि की Dark Black और Bright White जो LCD में नहीं मिलता है
जिस तरह से LCD अलग अलग प्रकार के है उसी तरह OLED भी है –

AMOLED

Active Matrix OLED TFT डिस्प्ले ओर OLED टेक्नोलॉजी का मिश्रण है [Picture 2]
इसका Working भी बहुत साधारण है, सबसे पहले Lower Transistor layer से Power को नियंत्रण करके Organic layer में भेजा जाता है और जैसे ही Organic layer में Power पहुँचता है वैसे ही Pixel लाइट देने लगता है |

how oled works
Picture 2

अब Light के तीव्रता को Lower Transistor layer से Control किया जा सकता है जिससे लाखों कलर आसानी से Produce किया जाता है |
OLED का सबसे बड़ा फ़ायदा है की इसमें Backlight का प्रयोग नहीं किया जाता है क्योंकी एक एक पिक्सेल खुद ही जलता है |
AMOLED के जैसे ही और भी कई Display हैं –

  • Super AMOLED : ये Samsung के द्वारा First generation Display था जिसमे Outdoor Readability काफी अच्छा था इसमें 20% Brighter Screen और 20% कम Power खपत होता था
  • Super AMOLED Plus : ये Samsung का दुसरा generation डिस्प्ले था जिसमे RGB matrix का प्रयोग किया गया था |

चाहे कितना भी तकनिकी सुधार हो जाये पर उसमे कमिया तो रहती ही है इसीलिए बात करते है OLED की pros और cons के बारे में –
Pros :

  • बहुत पतला और कुछ हद तक Flexible भी !
  • High Contrast क्योंकी इसमें Organic Diode का प्रयोग होता है |
  • Viewing Angle बेहतरीन है |
  • पॉवर खपत भी कम है |
  • Outdoor परफॉरमेंस बहुत ही बढ़िया है |

Cons :

  • LCD के तुलना में कम जीवनकाल है क्योंकी Organic Diode होने के कारण Blue Diode जल्दी ख़तम होता है |
  • LCD के तुलना में OLED बहुत महंगा है |
  • पानी से OLED को आसानी से क्षति पहुँचाया जा सकता है |

PIXEL Density

Display के Quality को बढ़ाने में PPI (Pixel Per Inch) का भी बहुत बड़ा योगदान है, आइये PPI के बारे में जानते हैं इसे DPI (Dot Per Inch) भी कहा जाता है परन्तु ये बहुत ज्यादा सटीक होता है इसलिए इसका इस्तेमाल प्रिंटर में किया जाता है |
सबसे पहले Apple Retina Display से PPI का प्रचलन हुआ क्योंकी इस Screen में आप आसानी से अपने आँख से Pixel को नहीं देख सकते थे और यही पहला डिस्प्ले था जिसमे 326 PPI था |
एक इंच में कितना Pixel है उसे ही PPI कहते हैं, आप Pythagorean Formula के मदद से PPI को Calculate कर सकते है |
PPI Calculate कैसे करें :
आपको दो चीजें पहले से पता होना चहिये –

  • रेजोलुसन (जैसे 1080*1920 या 2560*1440)
  • Mobile Screen का Diagonal Size

अब आपको निचे दिए गए Formula के अनुसार PPI कैलकुलेट कर लेना है –

d_{p}={\sqrt {w_{p}^{2}+h_{p}^{2}}}

PPI={\frac {d_{p}}{d_{i}}}

  • d_{p} = Diagonal रेजोलुसन
  • w_p = Width रेजोलुसन (जैसे 1920*1080 में w_p = 1920 हो जायेगा )
  • h_{p} = Height रेजोलुसन (जैसे 1920*1080 में h_{p} = 1080 हो जायेगा )
  • d_{i} = Diagonal size (आपके Mobile Screen या किसी भी Screen की size कितनी  है जैसे 5.5 inch या 6.2 inch इत्यादि )

Example :-
मान लीजिये आपके पास एक मॉनिटर है जिसका रेजोलुसन 2560×1440 Pixel है, और Screen Size 27 Inch है तो

w_p

= 2560,

d_{i}

=27 और

h_{p}

= 1440 , अब आपको d_{p}

निकालना है –
d_{p} calculate ppi
= 2937.20 अब इसको Screen Size (जो की 27 है ) से भाग देना होगा =108.78 PPI
आप चाहे तो इसको सीधे भी निकाल सकते हैं :-

{\displaystyle {\frac {\sqrt {2560^{2}+1440^{2}}}{27}}}

= 108.78 PPI
आप सोच रहे होंगे की कंपनी ढेर सारा Pixel क्यों नहीं दे देती है, ऐसा इसलिए नहीं किया जाता क्योंकी इसमें भी कुछ सीमा है जैसे 1280 x 720 रेजोलुसन के लिए 4.9 inch से ज्यादा बड़ा Screen नहीं होना चाहिए |
अगर रेजोलुसन के आधार पर अलग अलग Display देखा जाये तो 10 से भी ज्यादा डिस्प्ले है –

  1. WQVGA – 400×240
  2. QVGA – 320×240
  3. HVJA – 480×320
  4. WVJA – 768×480
  5. VGA – 640×480
  6. SVGA – 800×600
  7. FWVGA – 854×480
  8. HD – 1280×720
  9. Quarter HD या qHD – 960×540
  10. HD – 1280×920
  11. Quad HD – 1440×2560
  12. HD+ – 1600×900
  13. FULL HD – 1920×1080
  14. HD 2K – 2048×1080
  15. ULTRA HD 4K – 3840×2160

इन सभी स्क्रीन से आपको ज्यादा घबराने की जरुरत नहीं है आपको बस रेजोलुसन देखना है मतलब जितना ज्यादा रेजोलुसन उतना बढ़िया |

Touchscreen

Touchscreen डिस्प्ले में भी दो तरह के Screen होते हैं ,सबसे पहला Touchscreen सिर्फ Stylus को सपोर्ट करता था यानि की अभी की तरह आप Screen को टच करने के लिए अपना ऊँगली का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे |
1. Capacitive Touch Screen :- इस Touchscreen में सुधार किया गया और Stylus को हटाया गया जिससे इंसान अपने ऊँगली से Touch कर सके |
2. Multitouch Screen :- इसमें और भी सुधार किया गया, अब इंसान एक साथ कई ऊँगली का प्रयोग कर सकता है |
TouchScreen का Working भी बहुत ही साधारण है, जैसे ही आप Screen को Touch करते है आपके ऊँगली के द्वारा Electrostatic Field पैदा होता है जो एक sensor के जरिये पता लगाया जाता है की Screen में कहाँ पर Touch किया गया है [Picture 3]

capacitive-touch-screen
Picture 3

Future

अब बात करते है भविष्य के बारे में क्योंकी आने वाले समय में बहुत कुछ बदलने वाला है इसलिए Display और Screen भी इससे अछूता कैसे रह सकता है |
जैसा की हमने आपको पहले भी बताया की OLED बहुत ही पतला होता है और कुछ हद तक मुड़ता भी है इसलिए इसमें चौकने की बात नहीं है की आने वाले समय में मुड़ने वाला Display देखने को मिल जाये
Display टेक्नोलॉजी में Quantom Dot LED का भी नाम आता है जो OLED की तुलना में बहुत ज्यादा टिकाऊ,Brighter और ज्यादा कलर Produce करने में सक्षम है |
OLED का एक और फ़ायदा है पारदर्शी Screen जो आप निचे दिए गए विडियो से अधिक समझ सकते है |


आने वाले समय में बहुत कुछ सुधार होने वाला है इसलिए प्रतीक्षा कीजिये और नए Technology का इंतज़ार कीजिये |

Best Mobile Screen

इतने सारे आप्शन में आपके लियी बहुत कठिन हो जाता है की कौन सा डिस्प्ले खरीदना चाहिए LCD या OLED, Multitouch होना चाहिए की नहीं इत्यादि |
आपको एक बात बता दे की आजकल के सारे स्मार्टफ़ोन में बेहतरीन डिस्प्ले लगे होते है जिसमे आपको अच्छे Viewing Angle,Outdoor परफॉरमेंस मिलते है, ऐसा नहीं है की आप थोडा सा Screen टेढ़ा किये तो पूरा Screen काला नजर आने लगेगा फिर भी महंगे स्मार्टफ़ोन में OLED का प्रयोग किया जाता है क्योंकी ये बहुत ही पतला होता है जिससे फ़ोन भी पतला रहता है |
अगर आप ज्यादा Game खेलते है या Movies देखते है और Outdoor में अपने स्मार्टफ़ोन को ज्यादा इस्तेमाल करना चाहते है तो OLED बेस्ट है क्योंकी इसमें Brightness और Contrast ज्यादा मिलता है : Dark Black और Bright White
अगर आप Web Browsing करते है या ज्यादा Document पढ़ते है तो LCD Screen बेस्ट रहेगा, हाँ ये बात है की Black colour थोडा सा Whitish दिखता है |

सारांश

अंत में एक बार फिर से आपको बताना चाहेंगे की आप Movies या Game के शौक़ीन है तो AMOLED नहीं तो Web Browsing या ज्यादा Document पढने के लिए  LCD (IPS) अच्छा रहता है | 

 उम्मीद है कि आप अपने लिए एक बेहतरीन Display जरूर चुन पाएंगे, यह आर्टिकल अपने दोस्तों के साथ शेयर करे जो डिस्प्ले के बारे में नहीं जानते धन्यवाद

अगर अब भी आपके मन में कुछ सवाल रह गया हो तो कमेंट में बताएं  ➡ 

Reference :- 

wikipedia.org , makeuseof.com,  patrika.com,  lifewire.com,   techradar.com ,  gizmodo.com ,  cnet.com,    quora.com,   deccanchronicle.com,   lg.com

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