Different Types Of Memory-RAM,ROM And Cache

जब भी आप कोई नया स्मार्टफ़ोन खरीदने जाते हैं तो उसके स्पेसिफिकेशन कुछ इस तरह से रहता है 6GB+64GB या 4GB+32GB तो इसमें पहला वाला रैम और दुसरा वाला स्टोरेज, तो आइये जानते है Different Types Of Memory 

आपको कौन सा फ़ोन लेना चाहिए 8GB,6GB या 4GB वाला ?

इससे पहले की आप फ़ोन खरीदिये आइये पहले जानते है आखिर ये सब होता क्या है और ये आपके फ़ोन के लिए कितना महत्वपूर्ण है !

RAM

samsung ram ddr4

बसे पहले RAM (Random Access Memory) के बारे में बात करते हैं, RAM एक डिजिटल स्टोरेज है जिसमे थोड़े देर के लिए डाटा स्टोर किया जाता है क्युंकी ये बहुत ही तेज गति से डाटा को read और write करता है |

अगर आपके डिवाइस में रैम नहीं होगा तो आप कोई भी काम नहीं कर सकते क्युंकी सारा प्रोसेसिंग बहुत ही धीरे होगा |

रैम एक पुल (Bridge) के तरह काम करता है प्रोसेसर और स्टोरेज के बिच में इसीलिए यह हर डिवाइस का महत्वपूर्ण अंग होता है |

आइये अब जानते है की रैम आपके फ़ोन में काम कैसे करता है –

Working

कोई भी डिवाइस हो कंप्यूटर या मोबाइल दोनों में एक ही प्रोसेस चलता है परन्तु दोनों में रैम मैनेजमेंट अलग-अलग तरीके से होता है वो हम आगे जानेंगे |

रैम एक Volatile स्टोरेज है |

सबसे पहले कोई भी एप्लीकेशन को स्टोरेज में रखा जाता है फिर जब आप उसे ओपन करते हैं तो उस एप्लीकेशन के डाटा को RAM में लोड किया जाता है और प्रोसेसर उस डाटा को प्रोसेस करने लगता है |

आसान भाषा में समझे तो रैम ऐसे काम करता है [Picture 1]

ram data flow
Picture 1

आप सोच रहे होंगे की डाटा को RAM में क्यों लोड किया जाता है ऐसा इसलिए क्युंकी CPU को बहुत ही जल्दी जल्दी डाटा चाहिए और स्टोरेज उतना फ़ास्ट नहीं होता है की CPU को जल्दी जल्दी डाटा दे सके |

अब आप समझ गए होंगे की रैम की आवस्यकता क्यों है |

आइये जानते हैं की आपका Phone रैम का इस्तेमाल कैसे करता है 

Android Linux Kernel पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है, इसके फाइल को कॉम्प्रेस करके रखा जाता है और जब आप अपने डिवाइस को स्टार्ट करते है तो ये सारे फाइल डायरेक्ट रैम में खुलते हैं |

कुछ जरुरी फाइल्स जैसे pseudofile,रेडियो सेटिंग IMEI डाटा के लिए रैम रिज़र्व रखा जाता है |

GPU (Graphics Processing Unit) को भी रैम की जरुरत पड़ती है जिसे VRAM कहा जाता है, इसके लिए भी रैम रिज़र्व रखा जाता है 

इन सभी के बाद जो भी रैम बचता है उसे आप इस्तेमाल करते है जिसमे एप्लीकेशन,गेमिंग आदि शामिल होता है |

Types Of RAM 

सबसे पहले मोबाइल में DRAM(Dynamic RAM) और SDRAM(Synchronous Dynamic RAM)  का इस्तेमाल किया जाता था जो बहुत धीमा होता था |

परन्तु आजकल के स्मार्टफ़ोन में LPDDR (Low Power Double Data Rate ) का इस्तेमाल किया जाता है जो DRAM और SDRAM के तुलना में बहुत ज्यादा फ़ास्ट है |

DDR vs Non DDR
DDR vs Non DDR

LPDDR रैम में भी बहुत सारे वरजन आये जैसे LPDDR2,LPDDR3,LPDDR4 और LPDDR4X इसके बारे में आगे बात करेंगे |

lpddr-comparison
Picture 2

DDR रैम बहुत ही जल्दी मार्किट में छा गया क्युंकी यह SDRAM से दोगुना डाटा ट्रान्सफर कर सकता था [Picture 2]

power consumption
Picture 3

फिर इसमें  नए नए तकनीक के जरिये इसे और भी फ़ास्ट और कम पावर खर्च करने वाला  बनाया गया [Picture 3]

अगर बात करे परफॉरमेंस की तो उसमे भी बहुत इजाफा हुआ है जैसे की 4k Video,एप्प्स और वायरस स्कैन [Video] 


हाल में ही इसके एक और उच्चतम श्रेणी के रैम आया जो है LPDDR4X, आइये LPDDR4 और LPDDR4X के बिच के अंतर को समझते है :

जब भी रैम के नया संस्करण आता है तो उसमे परफॉरमेंस और पॉवर खपत को अच्छे तरीके से मैनेज किया जाता है |

ऐसा कभी भी नहीं किया जाता की परफॉरमेंस के साथ साथ पॉवर खपत भी बढ़ा दिया जाये, हमेशा पॉवर खपत  को कम करने की कोशिश की जाती है |

LPDDR4 VS LPDDR4X
LPDDR4 VS LPDDR4X Comparison

यही चीज 4 और 4X में भी किया गया है, LPDDR4 की पॉवर 1.1V थी जिसे LPDDR4X में घटाकर 0.6V कर दिया गया है 

Apple के फ़ोन में  रैम कम क्यों होते हैं

आप सोच रहे होंगे की Apple iPhone में Android की तुलना में रैम कम क्यों होता है ?

पहले यह जान लेते है की Android और Apple में कितना रैम होता है :

उदाहरण के लिए हम सबसे बेहतरीन स्मार्टफ़ोन को ले रहे है जैसे Apple iPhone XS , iPhone X ,Samsung S9 Plus और OnePlus 6 

Note : ये सभी Flagship Smartphone है इसीलिए इसे उदाहरण के लिए चुना गया है |

Apple के iPhone XS में 4 GB रैम और iPhone X में 3 GB रैम वही iPhone 7 में मात्र 2 GB रैम दिया गया था |

iPhone के सबसे Latest Model में सिर्फ 4 GB रैम दिया गया है अब Android की बात करते हैं –

Android के फ़ोन जैसे Samsung S9 Plus में 6GB रैम और OnePlus 6 में 8 GB तक रैम दिया गया है |

ये तो साफ़ है की Android Phone को ज्यादा रैम की जरुरत है और iPhone को कम पर ऐसा क्यों ??

1. RAM Management

Android और iPhone में RAM मैनेजमेंट करने का तरीका अलग अलग है और यही कारण है की IOS में कम रैम की जरुरत पड़ती है |

IOS में Automatic Reference Counting और Android में Garbage Collection तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है |

  • Automatic Reference Counting : इस तकनीक में कोई भी प्रोसेस Background में रन नहीं करता है और जब किसी object का जरुरत पड़ता है ये Automatically release कर देता है |
  • Garbage Collection : इस तकनीक में सारा कुछ Background में चलता है और जब मेमोरी कम होने लगता है तो ठीक उस समय में object को release नहीं किया जाता है |

Android Authority के एक एक्सपेरिमेंट में कुछ एप्प को Android और IOS दोनों में चलाया गया और रैम की जरुरत Android में 6 % ज्यादा पड़ी [Picture 4]

ram usage in android and ios
Picture 4
2. Hardware

शुरू से ही Android को अलग अलग Hardware,manufacturers के लिए बनाया गया है और साधारनतौर पर एक Software  किसी Hardware के  लिए लिखा जाता है तो उसे दुसरा हार्डवेयर में इस्तेमाल नहीं किया जाता है 

इसी समस्या से उबरने के लिए Android Java का इस्तेमाल करता है जिसमे Virtual Machine होता है |

Developer एक बार कोड लिख देता है और फिर Virtual Machine उसे अलग अलग Hardware के अनुसार बदल देता है [Picture 5]

java virtual machine
Picture 5

यही कारण है की Android में और ज्यादा रैम की जरुरत पड़ती है |

परन्तु Apple के iPhone में ऐसा नहीं होता है उसके एप्प सीधे iPhone में रन होते है न की किसी Virtual Machine में |

3. Developer

अगर बात करे एप्प डेवलपर की तो Apple बहुत ही सख़्त है Android की तुलना में |

IOS में कोई भी डेवलपमेंट Apple के अधीन होता है इसीलिए उसके software और hardware पुरी तरह से optimized रहता है 

पर Android में ये मुमकिन नहीं है क्योंकी Hardware कोई और बनाता और Software कोई और Develop करता है |

तो सीधे सीधे समझे तो Apple रैम मैनेजमेंट के लिए नए नए तकनीक ढूँढता है और Android कंपनी बस रैम बढ़ा देती है |

source : Android Authority  ,Makeuseof   ,Quora   ,Remobjects Element 

आइये अब बात करते हैं ROM के बारे में और आपको हमेशा कम स्टोरेज क्यों मिलता है ?

ROM

 Read Only Memory (ROM), जैसा की नाम से ही पता चलता है इसमें सिर्फ डाटा को read किया जाता है परन्तु कभी कभी डाटा को write भी किया जाता है |

ROM एक Non-Volatile मेमोरी है जिसमे ऑपरेटिंग सिस्टम के जरुरी फाइल्स रखे जाते है जिसके मदद से फ़ोन बूट हो सके |

आपके फ़ोन में 32 GB का स्टोरेज दिया गया है तो इसका मतलब ये नहीं है की आप पुरे 32 GB में अपने पर्सनल फाइल जैसे मूवी,सांग ,डॉक्यूमेंट रख पाएंगे |

storage explained
Picture 5

32 GB में कुछ जगह रिज़र्व करके रख दिया जाता है जिसमे Operating System के फाइल रखे जाते है और आप उस फाइल को कुछ भी नहीं कर सकते इसलिए इसे Read Only Memory कहा जाता है |

जब आप अपने फ़ोन को अपडेट करते है तब इसी रिज़र्व स्टोरेज में अपडेट को डाउनलोड किया जाता है |

बहुत लोगों को स्टॉक एंड्राइड पसंद नहीं आता है तो कस्टम ROM का इस्तेमाल करते हैं जैसे CyanogenMod, Paranoid Android, MIUI इत्यादि |

यदि आप भी अपने फ़ोन में Custom ROM का इस्तेमाल करना चाहते है तो यह आर्टिकल पढ़े XDA-Developers (English)

ढेर सारे एंड्राइड फ़ोन External Memory लगाने का आप्शन भी देता है जैसे Samsung,Lenovo,Xiaomi,Asus इत्यादि 

External Memory से तात्पर्य है Micro-SD कार्ड से क्युंकी बहुत सारे कंपनी है जो SD कार्ड लगाने का आप्शन नहीं देता जैसे Apple,Oneplus आदि |

mivi otg cable
MIVI OTG cable

अब आप अपने Phone में OTG (On The Go) का इस्तेमाल करके Pendrive भी लगा सकते है जिसकी कीमत कुछ रूपये ही होता है 

स्मार्टफ़ोन में UFS (Unix File System) का इस्तेमाल किया जाता है इसीलिए फ़ोन में Direct Hard Drive सपोर्ट नहीं करता |

File System

Amazon पर OTG केबल ख़रीदे (MIVI 399₹ ) 

Tip : आप अपने Local मार्किट से OTG केबल खरीद सकते है क्युंकी सस्ता मिलेगा |

आइये अब जानते है कैश (cache) मेमोरी के बारे में |

Cache Memory

Cache Memory किसी भी डिवाइस का सबसे फ़ास्ट मेमोरी होता है और अगर Cache Memory नहीं होगा तो आपका डिवाइस बहुत “slow” काम करेगा |

इसे उदाहरण से समझते है :

अगर आपके डिवाइस में Cache Memory नहीं रहेगा तो CPU को सारा डाटा रैम से लेना पड़ेगा, और रैम भी उतना जल्दी-जल्दी CPU को डाटा नहीं दे पाता है |

एक Clock Cycle में CPU की Frequency 1.8 GHz होती है वही रैम की Frequency 250 MHz होती है यानि की CPU को बहुत ही जल्दी जल्दी डाटा चाहिए इसीलिए Cache Memory को लाया गया |

Note : यहाँ पर Frequency सिर्फ उदाहरण के लिए बताया गया है ये अलग अलग डिवाइस के अनुसार बदल सकता है |

अब Cache Memory को भी तीन Level में बाटा गया है :
  • L1 Cache : ये Cache CPU कोर के साथ ही लगाया जाता है जिसका साइज़ लगभग 32KB से 48KB होता है |
  • L2 Cache : इसे CPU कोर के नजदीक बाहर लगाया जाता है जिसका साइज़ लगभग 4 MB तक हो सकता है |
  • L3 Cache : इसे बेहतर या महंगे स्मार्टफ़ोन में लगाया जाता है और ये सभी CPU के लिए होता है जिसका साइज़ 32 MB तक हो सकता है |

यहाँ पर आपको ये बता दे की L1 और L2 Cache सभी CPU कोर के साथ लगा होता है यानि की अगर Quadcore CPU है तो उसमे 4-4 L1 और L2 Cache होगा |

हालाँकि L3 Cache पुरे CPU के लिए होता है इसीलिए इसका साइज़ भी सबसे ज्यादा होता है 

L1 Cache सबसे तेज फिर L2 Cache और L3 Cache सबसे धीरे काम करता है परन्तु फिर भी ये रैम की तुलना में बहुत तेज होता है |

तो अगर हम अब बात करे डाटा Flow की तो सबसे पहले CPU L1 Cache से डाटा की मांग करेगा और यदि वहां पर नहीं मिला तो L2 Cache फिर भी नहीं मिला तो L3 Cache और वहां पर भी नहीं मिला तो रैम से डाटा लाया जायेगा [Picture 6]

Data Flow
Picture 6
अब आइये समझते है की Cache Memory काम कैसे करता है :

जब CPU Cache Memory से डाटा मांगता है तो दो परिस्थिति हो सकता है, उसके पास डाटा होगा या नही होगा 

यदि Cache Memory के पास डाटा होगा तो उसे Cache Hit बोला जाता है और यदि उसके पास डाटा नहीं होगा तो उसे Cache Miss बोला जाता है |

तो जितना ज्यादा Cache Hit होगा उतना ज्यादा परफॉरमेंस बेहतर होगा,Cache Memory में ऐसे डाटा रखने की जरुरत पड़ती है जिसकी ज्यादा से ज्यादा जरुरत है जिससे Cache Hit ज्यादा हो पाए |

इसके लिए L1 Cache को दो भाग में बाटा गया है Data Cache और Instruction Cache में |

इसे उदाहरण से समझते है :

अभी Oneplus के नवीनतम फ़ोन में Snapdragon 845 लगा है जिसमे 8 Core है जिसमे 4 Gold Core (2.8 GHz) और 4 Silver Core (1.7GHz) 

अब बात करते है इसमें लगे Cache Memory की :
    • L1 Cache : 32 KB Instruction और 32 KB Data Cache सभी Core में दिया गया है |
    • L2 Cache : Gold Core के लिए 256 KB और Silver Core के लिए 128 KB और ये भी सभी Core के लिए अलग अलग दिया गया है |
    • L3 Cache : इस फ़ोन में 2 MB की L3 Cache दिया गया है जो सभी यानि की 8 Core के लिए है |
    • Total : L1 [64*8= 512 KB] + L2 [256*4+128*4 = 1536 KB] + L3 [2048 KB] = 4096 KB या 4 MB

 तो आप अगली बार फ़ोन या कोई भी डिवाइस खरीदने जाएँ तो Cache Memory जरुर देख ले ये जितना ज्यादा होगा उतना ज्यादा अच्छा परफॉरमेंस होगा |

Note : सिर्फ Cache Memory बढ़ा देने से पुरा परफॉरमेंस नहीं बढेगा उसके अनुसार उसमे CPU,रैम इत्यादि भी होना चाहिए |

आप सोच रहे होंगे की L1,L2 और L3 Cache Memory को हटाकर एक ही Cache Memory या रैम को हटाकर ढेर सारा Cache Memory क्यों नहीं लगाया जाता ?

तो इसका जवाब है Cost, Cache बहुत ही ज्यादा महंगा आता है इसीलिए कई फ़ोन में तो L3 Cache भी नहीं दिया जाता |

फिर भी सबसे महंगा L1 Cache होता है क्योंकी सबसे तेज होता है इसीलिए इसकी साइज़ भी कम होता है |

सारांश

रैम एक Volatile-Memory है जो Cache Memory से Slow और ROM से Fast होता है, सबसे हालिया रैम LPDDR4X है |

अब आप सोच रहे होंगे की आपको कितना रैम वाला फ़ोन खरीदना चाहिए तो आइये हम आपको बताते है :

जब आप बजट फ़ोन खरीदते है तो कम से कम 4 GB वाला फ़ोन ले और High-End Smartphone जैसे Pixel 2 या iPhone में 3 GB या 4 GB भी काफी होता है |

अगर आपको बहुत ज्यादा Gaming करना है तो कम से कम 6 GB रैम वाला फ़ोन ले हालाँकि Pixel 2 जैसे फ़ोन 4 GB रैम में ही बढ़िया परफॉरमेंस देता है |

यदि आप सामान्य प्रयोग के लिए फ़ोन ले रहे है तो कम से कम 4 GB वाला फ़ोन ले जिससे कभी भी आपको दिक्कत नहीं होगा |

इन सभी के बाद जितना ज्यादा रैम होगा आपको उतना ही Multitasking में बढ़िया परफॉरमेंस मिलेगा |

ROM एक Non-Volatile Memory है जिसमे OS के फाइल्स होते हैं और जो भी Memory बचता है उसे यूजर इस्तेमाल करता है |

Cache Memory सबसे Fast Memory होता है जो CPU के Frequency के साथ साथ काम करता है, इसमें भी L1 Cache सबसे तेज होता है |

उम्मीद है की आप RAM,ROM और Cache Memory के बारे में कुछ जरुर जाने होंगे, आप अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये|

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